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श्री चैतन्य चरितामृत  »  लीला 2: मध्य लीला  »  अध्याय 3: श्री चैतन्य महाप्रभु का अद्वैत आचार्य के घर रुकना  »  श्लोक 190
 
 
श्लोक  2.3.190 
घरे या ञा कर सदा कृष्ण - सङ्कीर्तन ।
कृष्ण - नाम, कृष्ण - कथा, कृष्ण आराधन ॥190॥
 
 
अनुवाद
भगवान चैतन्य महाप्रभु ने उन सभी से घर लौटने और सामूहिक रूप से भगवान कृष्ण का नाम जपने का अनुरोध किया। उन्होंने उनसे कृष्ण की पूजा करने, उनके पवित्र नाम का जप करने और उनकी पवित्र लीलाओं पर चर्चा करने का भी अनुरोध किया।
 
Sri Chaitanya Mahaprabhu requested them all to return home and begin group chanting of the name of Krishna. He also requested them to worship Krishna, chant His holy name, and discuss His sacred pastimes.
तात्पर्य
श्री चैतन्य महाप्रभु द्वारा श्री चैतन्य महाप्रभु का संप्रदाय, हरे कृष्ण आंदोलन बहुत अच्छे तरीके से सप्रमाण किया गया है। यह नहीं है कि श्री चैतन्य महाप्रभु की तरह सभी को संन्यास लेना है। जैसा कि भगवान ने आज्ञा दी है, हर कोई घर पर कृष्ण चेतना के संप्रदाय का पालन कर सकता है। हर कोई कृष्ण के पवित्र नाम, हरे कृष्ण महा-मंत्र का सामूहिक रूप से जप कर सकता है। कोई भगवद-गीता और श्रीमद-भागवतम के विषय पर भी चर्चा कर सकता है और राधा-कृष्ण या गौरा-नितै के देवताओं को स्थापित कर सकता है या दोनों को स्थापित कर सकता है और अपने घर पर बहुत सावधानी से उनकी पूजा कर सकते हैं। यह नहीं है कि हमें पूरी दुनिया में विभिन्न केंद्र खोलने होंगे। जो कोई भी कृष्ण चेतना आंदोलन की परवाह करता है, वह घर पर देवताओं को स्थापित कर सकता है और श्रेष्ठ मार्गदर्शन में, नियमित रूप से देवता की पूजा कर सकता है, महा-मंत्र का जप कर सकता है और भगवद-गीता और श्रीमद-भागवतम पर चर्चा कर सकता है। हम वास्तव में अपनी कक्षाओं में सिखा रहे हैं कि यह कैसे करना है। जो महसूस करता है कि वह अभी मंदिर में रहने या मंदिर में सख्त नियमित सिद्धांतों से गुजरने के लिए तैयार नहीं है - खासकर गृहस्थ जो पत्नी और बच्चों के साथ रहते हैं - वे देवता को स्थापित करके, प्रभु की सुबह और शाम को पूजा करके, हरे कृष्ण का जप करके और चर्चा करके घर पर एक केंद्र शुरू कर सकते हैं। भगवद-गीता और श्रीमद-भागवतम। कोई भी इसे घर पर बिना किसी कठिनाई के कर सकता है, और श्री चैतन्य महाप्रभु ने वहां मौजूद सभी भक्तों से ऐसा करने का अनुरोध किया।
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)