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श्लोक 2.3.151  |
एके एके मिलिल प्रभु सब भक्त - गण ।
सबार मुख देखि’ करे दृढ़ आलिङ्गन ॥151॥ |
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| अनुवाद |
| भगवान एक-एक करके सभी भक्तों से मिले और सबके चेहरे को अलग-अलग देखकर उन्हें गले लगा लिया। |
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| Mahaprabhu met all the devotees one by one and after looking at the face of each one, he embraced him tightly. |
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