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श्री चैतन्य चरितामृत  »  लीला 2: मध्य लीला  »  अध्याय 25: वाराणसी के सारे निवासियों का वैष्णव बनना  »  श्लोक 20
 
 
श्लोक  2.25.20 
सर्व - शास्त्र खण्डि’ प्रभु’ भक्ति’ करे सार ।
सयुक्तिक वाक्ये मन फिराय सबार ॥20॥
 
 
अनुवाद
जब लोग विभिन्न शास्त्रों के सिद्धांतों पर चर्चा करने के लिए श्री चैतन्य महाप्रभु के पास आते थे, तो भगवान उनके मिथ्या निष्कर्षों को परास्त कर देते थे और भगवान की भक्ति की प्रधानता स्थापित करते थे। तर्क और तर्क से उन्होंने बड़ी विनम्रता से उनके मन बदल दिए।
 
When people began to come to Sri Chaitanya Mahaprabhu to discuss the doctrines of various scriptures, Mahaprabhu refuted their false conclusions and established the primacy of devotional service to the Lord. He politely argued and changed their minds.
तात्पर्य
हम पश्चिमी देशों में इस संकीर्तन आंदोलन को फ़ैलाते हुए आये हैं और रोम, जिनेवा, पेरिस और फ़्रैंकफ़र्ट जैसे यूरोपीय शहरों के अपने हालिया दौरे में कई विद्वान ईसाई विद्वान, पादरी, दार्शनिक और योगी हमसे मिलने आए, और कृष्ण की कृपा से वे इस बात पर सहमत हुए कि कृष्ण चेतना आंदोलन, भक्ति पंथ, सर्वोच्च निष्कर्ष प्रदान करता है। श्री चैतन्य महाप्रभु के कदमों पर चलते हुए, हम हर किसी को यह विश्वास दिलाने की कोशिश कर रहे हैं कि प्रभु की भक्ति सेवा प्रत्येक धर्मग्रंथ में निहित है। यदि कोई व्यक्ति धार्मिक है, तो उसे प्रभु के सर्वोच्च अधिकार को स्वीकार करना चाहिए, उनका भक्त बनना चाहिए और उनसे प्रेम करने का प्रयास करना चाहिए। यह धर्म का वास्तविक सिद्धांत है। इससे कोई फ़र्क नहीं पड़ता कि कोई ईसाई है, मुसलमान है या कुछ और है। उसे बस परमेश्वर के पद को स्वीकार करना होगा और उसकी सेवा करनी चाहिए। यह ईसाई, मुसलमान या हिंदू होने का प्रश्न नहीं है। व्यक्ति को विशुद्ध रूप से धार्मिक होना चाहिए और इन सभी भौतिक पदवियों से मुक्त होना चाहिए। इस तरह से व्यक्ति भक्ति सेवा की कला सीख सकता है। यह तर्क सभी बुद्धिमान लोगों को आकर्षित करता है, और इसलिए कृष्ण चेतना आंदोलन दुनिया भर में तेजी से बढ़ रहा है। हमारे ठोस तर्क और वैज्ञानिक प्रस्तुति के कारण, श्री चैतन्य महाप्रभु की भविष्यवाणी कि कृष्ण चेतना दुनिया भर के हर शहर और गांव में फैल जाएगी, धीरे-धीरे साकार हो रही है।
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)