श्री चैतन्य चरितामृत  »  लीला 2: मध्य लीला  »  अध्याय 25: वाराणसी के सारे निवासियों का वैष्णव बनना  »  श्लोक 108
 
 
श्लोक  2.25.108 
आमार कृपाय एइ सब स्फुरुक तोमारे” ।
एत बलि’ तिन तत्त्व कहिला ताँहारे ॥108॥
 
 
अनुवाद
भगवान कृष्ण ने ब्रह्माजी को आश्वासन दिया, 'मेरी कृपा से ये सभी चीजें आप में जागृत हो जाएंगी।' यह कहकर भगवान ने ब्रह्माजी को तीन सत्य [तत्व] समझाना शुरू किया।
 
“Lord Krishna assured Brahma, ‘These things will awaken in you by my grace.’ Saying this, Lord Krishna began to tell Brahma the three elements (truths).”
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  हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥
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