श्री चैतन्य चरितामृत  »  लीला 2: मध्य लीला  »  अध्याय 24: आत्माराम श्लोक की 61 व्याख्याएँ  »  श्लोक 35
 
 
श्लोक  2.24.35 
‘इत्थम्भूत - गुणः’ - शब्देर शुनह व्याख्यान ।
‘इत्थं’ - शब्देर भिन्न अर्थ, ‘गुण’ - शब्देर आन ॥35॥
 
 
अनुवाद
कृपया आत्माराम श्लोक में आए 'इत्तम-भूत-गुण' शब्द का अर्थ सुनें। 'इत्तम-भूत' के अलग अर्थ हैं, और 'गुण' के अलग अर्थ हैं।
 
“Now listen to the meaning of the word ‘Ithambhootgun’ which appears in the Atmaram verse. ‘Ithambhoot’ has different meanings and ‘Guna’ has different meanings.
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  हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥
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