श्री चैतन्य चरितामृत  »  लीला 2: मध्य लीला  »  अध्याय 24: आत्माराम श्लोक की 61 व्याख्याएँ  »  श्लोक 269
 
 
श्लोक  2.24.269 
तबे दुइ ऋषि आइला सेइ व्याध - स्थाने ।
दूर हैते व्याध पाइल गुरुर दरशने ॥269॥
 
 
अनुवाद
“जब संत महात्मा शिकारी के स्थान के निकट पहुंचे तो शिकारी उन्हें दूर से देख सका।
 
“When both the sages reached near the hunter's place, the hunter saw them coming from a distance.”
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  हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥
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