तुलसी - परिक्रमा कर, तुलसी - सेवन ।
निरन्तर कृष्ण - नाम करिह कीर्तन ॥261॥
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अनुवाद
“‘अपने घर के सामने तुलसी का वृक्ष लगाने के बाद, आपको प्रतिदिन उस तुलसी के पौधे की परिक्रमा करनी चाहिए, उसे जल और अन्य चीजें देकर उसकी सेवा करनी चाहिए, और निरंतर हरे कृष्ण महामंत्र का जप करना चाहिए।’
“After planting Tulsi in front of your house, circumambulate that Tulsi tree daily, serve it by watering it and continuously chant the Hare Krishna Mahamantra.”
तात्पर्य
यह आध्यात्मिक जीवन की शुरुआत है। गृहस्थ जीवन छोड़कर कोई पवित्र स्थान जैसे गंगा या यमुना नदी के किनारे जाकर एक छोटी सी कुटिया बना सकता है। एक छोटी सी कुटिया बिना किसी खर्च के बनाई जा सकती है। खंभों की तरह चार लकड़ियों को कोई भी व्यक्ति जंगल से हासिल कर सकता है। छत को पत्तों से ढका जा सकता है और अंदरूनी हिस्से को साफ किया जा सकता है। इस तरह से व्यक्ति बहुत ही शांतिपूर्वक जीवन जी सकता है। कोई भी व्यक्ति किसी भी हालत में एक छोटी सी कुटिया में रह सकता है, तुलसी का पेड़ लगा सकता है, सुबह में उसमें पानी दे सकता है, उससे प्रार्थना कर सकता है और लगातार हरे कृष्ण महामंत्र का जाप कर सकता है। इस तरह से कोई भी व्यक्ति आध्यात्मिक रूप से काफी तरक्की कर सकता है। यह बिलकुल भी मुश्किल नहीं है। किसी को भी सिर्फ आध्यात्मिक गुरु के निर्देशों का सख्ती से पालन करना होता है। फिर सब कुछ सही समय पर सफल हो जाएगा। जहाँ तक खाने-पीने का सवाल है, इसमें कोई समस्या नहीं है। भगवान की सर्वोच्च विभूति कृष्ण हर किसी को खाने-पीने की चीजें देते हैं, तो वो अपने भक्त को क्यों नहीं देंगे? कभी-कभी एक भक्त कुटिया बनाने की जहमत तक नहीं उठाता है। वो सीधे किसी पहाड़ की गुफा में रहने चला जाता है। कोई गुफा में रह सकता है, नदी के किनारे एक कुटिया में रह सकता है, महल में रह सकता है या न्यूयॉर्क या लंदन जैसे बड़े शहर में रह सकता है। किसी भी स्थिति में, एक भक्त अपने आध्यात्मिक गुरु के निर्देशों का पालन कर सकता है और तुलसी के पौधे को पानी देकर और हरे कृष्ण मंत्र का जाप करके भक्ति सेवा में लगा रह सकता है। श्री चैतन्य महाप्रभु और हमारे आध्यात्मिक गुरु भक्तिसिद्धांत सरस्वती गोस्वामी महाराज की सलाह पर, कोई भी दुनिया के किसी भी हिस्से में जाकर लोगों को नियमों का पालन करके, तुलसी के पौधे की पूजा करके और लगातार हरे कृष्ण महामंत्र का जाप करके भगवान का भक्त बनने का निर्देश दे सकता है।
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥