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श्लोक 2.24.247  |
कालि हैते तुमि येइ मृगादि मारिबा ।
प्रथमेइ मारिबा, अर्ध - मारा ना करिबा ॥247॥ |
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| अनुवाद |
| “‘मैं आपसे विनती करता हूँ कि आज के बाद आप जानवरों को पूरी तरह से मार डालेंगे और उन्हें आधा मरा हुआ नहीं छोड़ेंगे।’ |
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| “I request you that from today onwards you will kill the animals completely and will not leave them half dead.” |
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