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श्लोक 14
श्लोक
2.24.14
‘मुनि’ - आदि शब्देर अर्थ शुन, सनातन ।
पृथक्पृथकर्थ पाछे करिब मिलन ॥14॥
अनुवाद
“मेरे प्रिय सनातन, पहले ‘मुनि’ शब्द से शुरू करते हुए अन्य शब्दों के अर्थ सुनो। पहले मैं उनके अलग-अलग अर्थ समझाऊंगा, फिर उन्हें मिलाऊंगा।
"O Sanatana, first listen to the meanings of the words 'Muni' and others. I will first explain their individual meanings and then combine them."
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
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हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥
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