श्री चैतन्य चरितामृत  »  लीला 2: मध्य लीला  »  अध्याय 24: आत्माराम श्लोक की 61 व्याख्याएँ  »  श्लोक 119
 
 
श्लोक  2.24.119 
गुणाकृष्ट हञा करे कृष्णेर भजन ।
एकादश - स्कन्धे ताँर भक्ति - विवरण ॥119॥
 
 
अनुवाद
श्रीमद्भागवत के ग्यारहवें स्कन्ध में नौ योगेन्द्रों की भक्ति का पूर्ण वर्णन है, जिन्होंने भगवान के दिव्य गुणों से आकृष्ट होकर भक्ति की।
 
“In the eleventh canto of the Srimad Bhagavatam, we find a complete description of the devotion of the nine Yogendras, who were attracted by the divine qualities of the Lord and performed His devotion.”
 ✨ ai-generated
 
 
  Connect Form
  हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥
  © 2026 vedamrit.in All Rights Reserved. Developed by acd