दक्षिणो विनयी ह्रीमान्शरणागत - पालकः ।
सुखी भक्त - सुहृत्प्रेम - वश्यः सर्व - शुभँ - करः ॥74॥
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अनुवाद
"कृष्ण अत्यंत सरल और उदार हैं, वे विनम्र और लज्जाशील हैं, और वे शरणागत आत्माओं के रक्षक हैं। वे अत्यंत प्रसन्न हैं, और वे सदैव अपने भक्तों के हितैषी हैं। वे सर्व-मंगलमय हैं, और वे प्रेम के अधीन हैं।
“Krishna is very simple and generous, He is humble and modest and is the protector of those who seek refuge.
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥