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श्री चैतन्य चरितामृत
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लीला 2: मध्य लीला
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अध्याय 21: भगवान् श्रीकृष्ण का ऐश्वर्य तथा माधुर्य
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श्लोक 81
श्लोक
2.21.81
देखि’ चतुर्मुख ब्रह्मार हैल चमत्कार ।
कृष्णेर चरणे आसि’ कैला नमस्कार ॥81॥
अनुवाद
"इन सभी ऐश्वर्यों को देखकर, इस ब्रह्मांड के चतुर्मुख ब्रह्मा चकित हो गए। वे पुनः कृष्ण के चरणकमलों के समक्ष आए और उन्हें प्रणाम किया।
"Seeing all this splendor, the four-headed Brahma of this universe was astonished. He came back to Krishna's lotus feet and bowed down."
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥
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