श्री चैतन्य चरितामृत  »  लीला 2: मध्य लीला  »  अध्याय 21: भगवान् श्रीकृष्ण का ऐश्वर्य तथा माधुर्य  »  श्लोक 61
 
 
श्लोक  2.21.61 
विस्मित ह ञा ब्रह्मा द्वारीके कहिला ।
‘कह गिया सनक - पिता चतुर्मुख आइला’ ॥61॥
 
 
अनुवाद
जब द्वारपाल ने पूछा, 'कौन ब्रह्मा?' तो ब्रह्माजी आश्चर्यचकित हो गए। उन्होंने द्वारपाल से कहा, 'कृपया जाकर भगवान कृष्ण को बताएँ कि मैं चार सिर वाला ब्रह्मा हूँ जो चार कुमारों का पिता हूँ।'
 
"When the gatekeeper asked, 'Which Brahma?' Brahma was surprised. He said to the gatekeeper, 'Go and inform Lord Krishna that the four-faced Brahma, the father of the four Kumaras, has arrived.'"
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)