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श्लोक 19
श्लोक
2.21.19
“कृष्ण - वत्सैरसङ्ख्यातैः” - शुकदेव - वाणी ।
कृष्ण - सङ्गे कत गोप - सङ्ख्या नाहि जानि ॥19॥
अनुवाद
"शुकदेव गोस्वामी के अनुसार, कृष्ण के साथ असंख्य बछड़े और ग्वालबाल थे। कोई भी उनकी वास्तविक संख्या गिन नहीं सकता था।
"According to Shukadeva Goswami, Krishna had infinite calves and cowherd boys. No one could count their exact number."
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥
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