चूँकि कृष्ण की सभी लीलाएँ निरंतर घटित हो रही हैं, इसलिए हर क्षण किसी न किसी ब्रह्मांड में कोई न कोई लीला विद्यमान रहती है। फलस्वरूप वेद और पुराण इन लीलाओं को शाश्वत कहते हैं।
"Since all of Krishna's pastimes are continuous, at every moment some pastime exists in some universe. Consequently, the Vedas and Puranas call them eternal pastimes."
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥