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श्लोक 277
श्लोक
2.20.277
सर्व तत्त्व मि लि’ सृजिल ब्रह्माण्डेर गण ।
अनन्त ब्रह्माण्ड, तार नाहिक गणन ॥277॥
अनुवाद
"परमेश्वर ने सभी विभिन्न तत्त्वों को मिलाकर समस्त ब्रह्माण्डों की रचना की। उन ब्रह्माण्डों की संख्या अनंत है; उनकी गणना करना असंभव है।
"By combining various elements, God created all the universes. The number of these universes is infinite; it is impossible to count them.
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
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हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥
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