श्री चैतन्य चरितामृत  »  लीला 2: मध्य लीला  »  अध्याय 20: श्री चैतन्य महाप्रभु द्वारा सनातन गोस्वामी को परम सत्य के विज्ञान की शिक्षा  »  श्लोक 207
 
 
श्लोक  2.20.207 
एइ चब्बिश मूर्ति - प्राभव - विलास प्रधान ।
अस्त्र - धारण - भेदे धरे भिन्न भिन्न नाम ॥207॥
 
 
अनुवाद
"ये सभी चौबीस रूप भगवान के प्रमुख प्रभाव-विलास लीला रूप हैं। उनके हाथों में शस्त्रों की स्थिति के अनुसार इन्हें अलग-अलग नाम दिए गए हैं।
 
"These twenty-four forms are the main manifestations of the Lord. Their names vary according to the position of the weapons held in their hands.
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)