|
| |
| |
श्लोक 2.20.190  |
कृष्णेर एइ चारि प्राभव - विलास ।
द्वारका - मथुरा - पुरे नित्य इँहार वास ॥190॥ |
|
| |
| |
| अनुवाद |
| भगवान कृष्ण के ये चार प्रभावशाली लीला रूप द्वारका और मथुरा में नित्य निवास करते हैं। |
| |
| “These four forms of Lord Krishna reside eternally in Dwaraka and Mathura.” |
| ✨ ai-generated |
| |
|