वैकुण्ठ, ब्रह्माण्ड - गण - शक्ति - कार्य हय ।
स्वरूप - शक्ति शक्ति - कार्येर - कृष्ण समाश्रय ॥150॥
अनुवाद
"भौतिक और आध्यात्मिक जगत क्रमशः कृष्ण की बाह्य और आंतरिक शक्तियों के रूपान्तरण हैं। इसलिए कृष्ण भौतिक और आध्यात्मिक दोनों अभिव्यक्तियों के मूल स्रोत हैं।"
"Both the physical and spiritual worlds are transformations of Krishna's external and internal energies, respectively. Therefore, Krishna is the original source of both the physical and spiritual creations.
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥