श्री चैतन्य चरितामृत  »  लीला 2: मध्य लीला  »  अध्याय 20: श्री चैतन्य महाप्रभु द्वारा सनातन गोस्वामी को परम सत्य के विज्ञान की शिक्षा  »  श्लोक 133
 
 
श्लोक  2.20.133 
‘पश्चिमे’ खुदिबे, ताहा ‘यक्ष’ एक हय ।
से विघ्न करिबे , - धने हात ना पड़य ॥133॥
 
 
अनुवाद
“यदि आप पश्चिमी तरफ खुदाई करेंगे, तो वहां एक भूत है जो इतनी गड़बड़ी पैदा करेगा कि आपके हाथ खजाने को छू भी नहीं पाएंगे।
 
"If you dig to the west, there's a ghost there. He'll create such a nuisance that you won't even be able to touch the treasure."
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  हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥
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