श्री चैतन्य चरितामृत  »  लीला 2: मध्य लीला  »  अध्याय 19: श्री चैतन्य महाप्रभु द्वारा श्रील रूप गोस्वामी को उपदेश  »  श्लोक 57
 
 
श्लोक  2.19.57 
प्रभु कहे, - सनात नेर हा ञाछे मोचन ।
अचिरात् आमा - सह हइबे मिलन ॥57॥
 
 
अनुवाद
श्री चैतन्य महाप्रभु ने तुरंत उत्तर दिया, "सनातन पहले ही अपने कारावास से मुक्त हो चुका है, और वह बहुत जल्द मुझसे मिलेगा।"
 
Sri Chaitanya Mahaprabhu immediately said, “Sanatana has been released from his prison and he will soon come and meet me.”
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)