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श्लोक 2.19.22  |
मोर यत कार्य - काम, सब कैला नाश ।
कि तोमार हृदये आछे, कह मोर पाश ॥22॥ |
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| अनुवाद |
| "तुमने मेरे सारे काम बिगाड़ दिए हैं। तुम्हारा इरादा क्या है? मुझे खुलकर बताओ।" |
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| "You've ruined all my work. What do you want? Please tell me clearly." |
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