श्री चैतन्य चरितामृत  »  लीला 2: मध्य लीला  »  अध्याय 19: श्री चैतन्य महाप्रभु द्वारा श्रील रूप गोस्वामी को उपदेश  »  श्लोक 22
 
 
श्लोक  2.19.22 
मोर यत कार्य - काम, सब कैला नाश ।
कि तोमार हृदये आछे, कह मोर पाश ॥22॥
 
 
अनुवाद
"तुमने मेरे सारे काम बिगाड़ दिए हैं। तुम्हारा इरादा क्या है? मुझे खुलकर बताओ।"
 
"You've ruined all my work. What do you want? Please tell me clearly."
 ✨ ai-generated
 
 
  Connect Form
  हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥
  © 2026 vedamrit.in All Rights Reserved. Developed by acd