| श्री चैतन्य चरितामृत » लीला 2: मध्य लीला » अध्याय 18: श्री चैतन्य महाप्रभु द्वारा वृन्दावन में भ्रमण » श्लोक 97 |
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| | | | श्लोक 2.18.97  | प्रभु - आगे कहे लोक , - श्रीकृष्ण देखिल ।
‘सरस्वती’ एइ वाक्ये ‘सत्य’ कहाइल ॥97॥ | | | | | | | अनुवाद | | सभी लोग श्री चैतन्य महाप्रभु के समक्ष आये और बोले, “अब हमने भगवान कृष्ण के प्रत्यक्ष दर्शन कर लिए हैं।” इस प्रकार विद्या की देवी की कृपा से वे सत्य बोलने में समर्थ हो गये। | | | | Each person came before Sri Chaitanya Mahaprabhu and said, “Now we have seen Krishna in person.” Thus, by the grace of Goddess Saraswati, each person was compelled to tell the truth. | | ✨ ai-generated | | |
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