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श्लोक 2.18.89  |
प्रभु - सङ्गे मध्याह्ने अक्रूर तीर्थे आइला ।
प्रभुर अवशिष्ट - पात्र - प्रसाद पाइला ॥89॥ |
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| अनुवाद |
| कृष्णदास भगवान के साथ अक्रूर तीर्थ लौट आये और भगवान के भोजन का बचा हुआ भाग उन्हें दे दिया गया। |
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| Krishnadasa accompanied Mahaprabhu to Akrur Tirtha, where he was given Mahaprabhu's remaining food. |
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