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श्लोक 2.18.54  |
एक - मास र हि’ गोपाल गेला निज - स्थाने ।
श्री - रूप - गोसाञि आइला श्री - वृन्दावने ॥54॥ |
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| अनुवाद |
| एक माह तक मथुरा में रहने के बाद गोपाल विग्रह अपने स्थान पर लौट गये और श्री रूप गोस्वामी वृन्दावन लौट गये। |
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| After staying in Mathura for a month, Gopal-Archavigraha returned to his place and Shri Rupa Goswami came to Vrindavan. |
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