श्री चैतन्य चरितामृत  »  लीला 2: मध्य लीला  »  अध्याय 17: महाप्रभु की वृन्दावन यात्रा  »  श्लोक 194
 
 
श्लोक  2.17.194 
पथे गाभी - घटा चरे प्रभुरे देखिया ।
प्रभुके बेड़य आसि’ हुङ्कार करिया ॥194॥
 
 
अनुवाद
जब श्री चैतन्य महाप्रभु वृन्दावन से गुजरे, तो चरती हुई गायों के झुंड ने उन्हें गुजरते देखा और तुरन्त उन्हें घेर लिया और जोर-जोर से रंभाने लगे।
 
As Sri Chaitanya Mahaprabhu was passing through Vrindavan, a herd of grazing cows saw him passing by. They immediately surrounded him and began to moo loudly.
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)