श्री चैतन्य चरितामृत  »  लीला 2: मध्य लीला  »  अध्याय 17: महाप्रभु की वृन्दावन यात्रा  »  श्लोक 190
 
 
श्लोक  2.17.190 
यमुनार ‘चब्बिश घाटे’ प्रभु कैल स्नान ।
सेइ विप्र प्रभुके देखाय तीर्थ - स्थान ॥190॥
 
 
अनुवाद
श्री चैतन्य महाप्रभु ने यमुना के तट पर स्थित चौबीस घाटों पर स्नान किया और ब्राह्मण ने उन्हें सभी तीर्थस्थान दिखाये।
 
Sri Chaitanya Mahaprabhu bathed at the twenty-four ghats on the banks of the Yamuna River and the Brahmin showed him all the pilgrimage sites.
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  हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥
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