Warning: Undefined array key 1 in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 93
Deprecated: nl2br(): Passing null to parameter #1 ($string) of type string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 97
अनुवाद
जब श्री चैतन्य महाप्रभु मथुरा नगरी में प्रवेश कर रहे थे, तो उन्होंने विश्रामघाट पर स्नान किया। फिर वे कृष्ण जन्मभूमि पहुँचे और केशवजी नामक विग्रह के दर्शन किए। उन्होंने इस विग्रह को सादर प्रणाम किया।
Upon entering the city of Mathura, Sri Chaitanya Mahaprabhu bathed at Vishram Ghat. He then went to visit the birthplace of Krishna and met Keshavji. Mahaprabhu offered his respectful obeisances.
तात्पर्य
वर्तमान समय में, केशव जी मंदिर का बहुत विकास हो चुका है। एक समय, केशव जी मंदिर पर औरंगजेब द्वारा आक्रमण कर दिया गया था, जिन्होंने वहाँ एक बहुत बड़ी मस्जिद बनवा दी जिसके सामने केशव जी का मंदिर बहुत छोटा लगने लगा। लेकिन कई धनी मारवाड़ियों की मदद से मंदिर का विकास हो चुका है और अब एक बहुत बड़ा मंदिर बनाया जा रहा है जिसके कारण अब तुलना में मस्जिद छोटी नजर आने लगी है। वहाँ बहुत सारी पुरातात्विक खोजें हुई हैं और विदेशों से आने वाले बहुत से लोग धीरे-धीरे कृष्ण जन्मभूमि की सराहना करने लगे हैं। यह कृष्ण चेतना आंदोलन बहुत से विदेशियों को केशव जी मंदिर की ओर आकर्षित कर रहा है और अब वे वृन्दावन में कृष्ण-बलराम मंदिर की ओर भी आकर्षित हो रहे हैं।
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥