श्री चैतन्य चरितामृत  »  लीला 2: मध्य लीला  »  अध्याय 16: महाप्रभु द्वारा वृन्दावन जाने की चेष्टा  »  श्लोक 42
 
 
श्लोक  2.16.42 
नरेन्द्र आसिया ताहाँ सबारे मिलिला ।
महाप्रभुर दत्त माला सबारे पराइला ॥42॥
 
 
अनुवाद
जब बंगाल से आये भक्तगण नरेन्द्र झील पर पहुँचे, तो स्वरूप दामोदर तथा अन्य लोगों ने उनसे भेंट की और उन्हें श्री चैतन्य महाप्रभु द्वारा दी गयी मालाएँ भेंट कीं।
 
When the devotees coming from Bengal reached Narendra Sarovar, Swarup Damodara and others met them and presented them with garlands sent by Sri Chaitanya Mahaprabhu.
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  हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥
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