श्री चैतन्य चरितामृत  »  लीला 2: मध्य लीला  »  अध्याय 16: महाप्रभु द्वारा वृन्दावन जाने की चेष्टा  »  श्लोक 200
 
 
श्लोक  2.16.200 
ताँरे विदाय दिल प्रभु सेइ ग्राम हैते ।
से - काले ताँर प्रेम - चेष्टा ना पारि वर्णिते ॥200॥
 
 
अनुवाद
अंत में श्री चैतन्य महाप्रभु ने राज्यपाल को विदाई दी। राज्यपाल के अतीन्द्रिय प्रेम का वर्णन नहीं किया जा सकता।
 
Finally, Sri Chaitanya Mahaprabhu also bid farewell to the Governor. The Governor's affection is beyond description.
 ✨ ai-generated
 
 
  Connect Form
  हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥
  © 2026 vedamrit.in All Rights Reserved. Developed by acd