श्री चैतन्य चरितामृत  »  लीला 2: मध्य लीला  »  अध्याय 16: महाप्रभु द्वारा वृन्दावन जाने की चेष्टा  »  श्लोक 113
 
 
श्लोक  2.16.113 
दुइ महा - पात्र, - ‘हरिचन्दन’, ‘मर्दराज’ ।
ताँरे आज्ञा दिल राजा - ‘करिह सर्व काय ॥113॥
 
 
अनुवाद
राजा ने हरिचन्दन और मर्दराज नामक दो सम्मानित अधिकारियों को आदेश दिया कि वे इन आदेशों को पूरा करने के लिए जो भी आवश्यक हो, करें।
 
The king ordered two respected officers named Harichandan and Mardaraja to do whatever was necessary to carry out these orders.
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  हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥
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