श्री चैतन्य चरितामृत  »  लीला 2: मध्य लीला  »  अध्याय 15: महाप्रभु द्वारा सार्वभौम भट्टाचार्य के घर पर प्रसाद स्वीकार करना  »  श्लोक 126
 
 
श्लोक  2.15.126 
राजा कहे , - मुकुन्द, तुमि पड़िला कि लागि’? ।
मुकुन्द कहे, राजा, मोर व्याधि आछे मृगी ॥126॥
 
 
अनुवाद
राजा ने तब पूछा, ‘मुकुंद, तुम नीचे क्यों गिर पड़े?’ मुकुंद ने उत्तर दिया, ‘मेरे प्रिय राजा, मुझे मिर्गी जैसी बीमारी है।’
 
“When the king asked, “O Mukunda, why did you fall?” Mukunda replied, “O King, I have a disease called epilepsy.”
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  हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥
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