श्री चैतन्य चरितामृत  »  लीला 2: मध्य लीला  »  अध्याय 14: वृन्दावन लीलाओं का सम्पादन  »  श्लोक 8
 
 
श्लोक  2.14.8 
रास - लीलार श्लोक पड़ि’ करेन स्तवन ।
“जयति तेऽधिकं” अध्याय करेन पठन ॥8॥
 
 
अनुवाद
राजा ने श्रीमद्भागवत से रासलीला के श्लोक सुनाने शुरू किए। उन्होंने "जयति तेऽधिकम" शब्दों से शुरू होने वाला अध्याय सुनाया।
 
He began reciting verses from the Srimad Bhagavatam about the Raas Leela. He read the chapter beginning with "Jayati Te'dhikam."
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  हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥
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