श्री चैतन्य चरितामृत  »  लीला 2: मध्य लीला  »  अध्याय 14: वृन्दावन लीलाओं का सम्पादन  »  श्लोक 69
 
 
श्लोक  2.14.69 
एक दिन निमन्त्रण करे दुइ - तिने मि लि’ ।
एइ - मत महाप्रभुर निमन्त्रण - केलि ॥69॥
 
 
अनुवाद
चूँकि उन्हें एक-एक दिन का समय नहीं मिल पाया, इसलिए दो-तीन भक्त मिलकर निमंत्रण देते थे। ये भगवान श्री चैतन्य महाप्रभु द्वारा निमंत्रण स्वीकार करने की लीलाएँ हैं।
 
Since he couldn't find a single day, two or three devotees teamed up to invite him. These are the pastimes of Mahaprabhu accepting the invitation.
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)