पहले समूह में, दामोदर स्वरूप मुख्य गायक नियुक्त किये गये थे, और जवाब देने वाले गायक दामोदर पंडित, नारायण, गोविंद दत्त, राघव पंडित और गोविंदानंद थे। श्री अद्वैत आचार्य को नर्तक के रूप में नियुक्त किया गया था। अगला समूह बनाया गया, और मुख्य गायक श्रीवास ठाकुर थे।
