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श्री चैतन्य चरितामृत  »  लीला 2: मध्य लीला  »  अध्याय 13: रथयात्रा के समय महाप्रभु का भावमय नृत्य  »  श्लोक 38
 
 
श्लोक  2.13.38 
अद्वैतेरे नृत्य करिबारे आज्ञा दिल ।
श्रीवास - प्रधान आर सम्प्रदाय कैल ॥38॥
 
 
अनुवाद
अद्वैत आचार्य प्रभु को पहले समूह में नृत्य करने का आदेश दिया गया। फिर भगवान ने श्रीवास ठाकुर को मुख्य पुरुष बनाकर एक और समूह बनाया।
 
Advaita Acharya Prabhu was ordered to dance in the first group. Then Mahaprabhu formed another group, headed by Srivasa Thakura.
तात्पर्य

पहले समूह में, दामोदर स्वरूप मुख्य गायक नियुक्त किये गये थे, और जवाब देने वाले गायक दामोदर पंडित, नारायण, गोविंद दत्त, राघव पंडित और गोविंदानंद थे। श्री अद्वैत आचार्य को नर्तक के रूप में नियुक्त किया गया था। अगला समूह बनाया गया, और मुख्य गायक श्रीवास ठाकुर थे।

 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)