श्री चैतन्य चरितामृत  »  लीला 2: मध्य लीला  »  अध्याय 13: रथयात्रा के समय महाप्रभु का भावमय नृत्य  »  श्लोक 32
 
 
श्लोक  2.13.32 
कीर्तनीया - गणे दिल माल्य - चन्दन ।
स्वरूप, श्रीवास , - याहाँ मुख्य दुइ - जन ॥32॥
 
 
अनुवाद
भगवान ने संकीर्तन करने वालों को मालाएँ और चंदन की लेप भी दी। दो प्रमुख संकीर्तनकर्ता स्वरूप दामोदर और श्रीवास ठाकुर थे।
 
Mahaprabhu also gave garlands and sandalwood paste to those who performed the sankirtan. The two main kirtanists were Swarupa Damodara and Srivasa Thakura.
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)