श्री चैतन्य चरितामृत  »  लीला 2: मध्य लीला  »  अध्याय 12: गुण्डिचा मन्दिर की सफाई  »  श्लोक 49
 
 
श्लोक  2.12.49 
रामानन्द कहे , - तुमि ईश्वर स्वतन्त्र ।
कारे तोमार भय, तुमि नह परतन्त्र ॥49॥
 
 
अनुवाद
रामानंद राय ने उत्तर दिया, "हे प्रभु, आप परम स्वतंत्र व्यक्तित्व हैं। आपको किसी से डरने की कोई आवश्यकता नहीं है क्योंकि आप किसी पर निर्भर नहीं हैं।"
 
Ramanand Rai replied, "O Lord, you are absolutely free. You have no fear of anyone because you are not dependent on anyone."
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  हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥
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