श्री चैतन्य चरितामृत  »  लीला 2: मध्य लीला  »  अध्याय 12: गुण्डिचा मन्दिर की सफाई  »  श्लोक 179
 
 
श्लोक  2.12.179 
गोपीनाथाचार्य उत्तम महा - प्रसाद आनि’ ।
सार्वभौमे दिया कहे सुमधुर वाणी ॥179॥
 
 
अनुवाद
गोपीनाथ आचार्य भी उत्तम भोजन लेकर आये और मीठे वचन बोलते हुए सार्वभौम भट्टाचार्य को भोजन कराया।
 
Gopinath Acharya also brought delicious food and gave it to Sarvabhauma Bhattacharya while speaking sweet words.
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  हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥
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