श्री चैतन्य चरितामृत  »  लीला 2: मध्य लीला  »  अध्याय 11: श्री चैतन्य महाप्रभु की बेड़ा-कीर्तन लीलाएँ  »  श्लोक 92
 
 
श्लोक  2.11.92 
मुकुन्द - दास, नरहरि, श्री - रघुनन्दन ।
खण्ड - वासी चिरञ्जीव, आर सुलोचन ॥92॥
 
 
अनुवाद
“यहां मुकुंद दास, नरहरि, श्री रघुनंदन, चिरंजीव और सुलोचना हैं, जो खंड के सभी निवासी हैं।
 
“Here are Mukund Das, Narahari, Shri Raghunandan, Chiranjeev and Sulochan – all of them are residents of the block.”
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  हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥
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