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श्लोक 2.11.194  |
एइ - स्थाने र हि’ कर नाम सङ्कीर्तन ।
प्रति - दिन आ सि’ आमि करिब मिलन ॥194॥ |
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| अनुवाद |
| श्री चैतन्य महाप्रभु ने हरिदास ठाकुर से अनुरोध किया, "यहाँ रहकर हरे कृष्ण महामंत्र का जप करो। मैं प्रतिदिन स्वयं तुमसे मिलने यहाँ आऊँगा।" |
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| Sri Chaitanya Mahaprabhu requested Haridasa Thakura, "You stay here and chant the Hare Krishna mantra. I will come here every day to meet you." |
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