क्षणे क्षणे कर तुमि सर्व - तीर्थे स्नान ।
क्षणे क्षणे कर तुमि यज्ञ - तपो - दान ॥190॥
अनुवाद
श्री चैतन्य महाप्रभु ने हरिदास ठाकुर की प्रशंसा करते हुए कहा, "आप प्रत्येक क्षण सभी पवित्र तीर्थस्थानों में स्नान करते हैं, तथा प्रत्येक क्षण महान यज्ञ, तपस्या और दान करते हैं।
Sri Chaitanya Mahaprabhu praised Haridasa Thakura and said, “You bathe in all the holy places every moment and perform sacrifices, austerities and charity every moment.”
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)