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श्लोक 175
श्लोक
2.11.175
आमार निकटे एइ पुष्पेर उद्याने ।
एक - खानि घर आछे परम - निर्जने ॥175॥
अनुवाद
श्री चैतन्य महाप्रभु ने तब कहा, "इस पुष्प उद्यान में मेरे निवास के निकट एक कमरा है जो अत्यंत एकान्त है।
Then Sri Chaitanya Mahaprabhu said, “There is a room in this flower garden near my place, which is very secluded.”
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हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥
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