श्री चैतन्य चरितामृत  »  लीला 2: मध्य लीला  »  अध्याय 11: श्री चैतन्य महाप्रभु की बेड़ा-कीर्तन लीलाएँ  »  श्लोक 171
 
 
श्लोक  2.11.171 
प्रभु - पदे दुइ जने कैल निवेदने ।
आज्ञा दे ह’, - वैष्णवेर करि समाधाने ॥171॥
 
 
अनुवाद
दोनों ने भगवान श्री चैतन्य महाप्रभु से निवेदन किया, "कृपया हमें आदेश दें ताकि हम सभी वैष्णवों को समायोजित करने के लिए उचित व्यवस्था कर सकें।
 
Both of them requested Sri Chaitanya Mahaprabhu, “Please give us orders so that we can make proper arrangements for the stay of all the Vaishnavas.”
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)