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श्री चैतन्य चरितामृत  »  लीला 2: मध्य लीला  »  अध्याय 11: श्री चैतन्य महाप्रभु की बेड़ा-कीर्तन लीलाएँ  »  श्लोक 146
 
 
श्लोक  2.11.146 
शङ्करे देखिया प्रभु कहे दामोदरे ।
सगौरव - प्रीति आमार तोमार उपरे ॥146॥
 
 
अनुवाद
शंकर के दर्शन के पश्चात भगवान श्री चैतन्य महाप्रभु ने दामोदर से कहा, "तुम्हारे प्रति मेरा स्नेह विस्मय और श्रद्धा के स्तर पर है।
 
Seeing Shankara, Sri Chaitanya Mahaprabhu said to Damodara, “My affection for you is filled with pride.”
तात्पर्य
यहाँ भगवान दामोदर पंडित को संबोधित कर रहे हैं, जो स्वरूप दामोदर से भिन्न हैं। दामोदर पंडित शंकर के बड़े भाई हैं। इस प्रकार भगवान ने दामोदर को सूचित किया कि उसके प्रति उनका स्नेह श्रद्धा और सम्मान के मंच पर था। हालाँकि, अपने छोटे भाई शंकर के प्रति भगवान का स्नेह शुद्ध प्रेम के मंच पर था।
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)