| श्री चैतन्य चरितामृत » लीला 2: मध्य लीला » अध्याय 11: श्री चैतन्य महाप्रभु की बेड़ा-कीर्तन लीलाएँ » श्लोक 134 |
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| | | | श्लोक 2.11.134  | अद्वैतेरे कहेन प्रभु मधुर वचने ।
आजि आमि पूर्ण हइलाङ तोमार आगमने ॥134॥ | | | | | | | अनुवाद | | श्री चैतन्य महाप्रभु ने अद्वैत आचार्य प्रभु को संबोधित करते हुए मधुर स्वर में कहा, "मेरे प्रिय महोदय, आज आपके आगमन के कारण मैं सिद्ध हो गया हूँ।" | | | | Sri Chaitanya Mahaprabhu addressed Advaita Acharya Prabhu with sweet words, “O dear sir, today I am complete because of your arrival.” | | ✨ ai-generated | | |
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