श्री चैतन्य चरितामृत  »  लीला 2: मध्य लीला  »  अध्याय 10: महाप्रभु का जगन्नाथ पुरी लौट आना  »  श्लोक 88
 
 
श्लोक  2.10.88 
सबे मे लि’ नवद्वीपे एकत्र ह ञा ।
नीलाद्रि चलिल शचीमातार आज्ञा लञा ॥88॥
 
 
अनुवाद
सभी भक्तगण नवद्वीप में एकत्र हुए और माता शची की अनुमति से नीलाद्रि, जगन्नाथ पुरी के लिए प्रस्थान किया।
 
All the devotees gathered at Navadwip and after taking permission from Sachi Mata, they left for Neeladri i.e. Jagannath Puri.
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  हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥
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