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श्लोक 50
श्लोक
2.10.50
सार्वभौम कहे , - एइ राय भवानन्द ।
इँहार प्रथम पुत्र - राय रामानन्द ॥50॥
अनुवाद
सार्वभौम भट्टाचार्य ने आगे कहा, "यह भवानंद राय हैं, जो श्री रामानंद राय के पिता हैं, जो उनके प्रथम पुत्र हैं।"
Sarvabhauma Bhattacharya further said, “This is Bhavananda Rai, whose first son is Ramanand Rai.”
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
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हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥
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