श्री चैतन्य चरितामृत  »  लीला 2: मध्य लीला  »  अध्याय 10: महाप्रभु का जगन्नाथ पुरी लौट आना  »  श्लोक 180
 
 
श्लोक  2.10.180 
भट्टाचार्य कहे , - दोंहार सुसत्य वचन ।
आगे यदि कृष्ण देन साक्षात्दरशन ॥180॥
 
 
अनुवाद
सार्वभौम भट्टाचार्य ने कहा, "तुम दोनों के कथन सत्य हैं। कृष्ण अपनी कृपा से प्रत्यक्ष दर्शन देते हैं।"
 
Sarvabhauma Bhattacharya said, "Both of you are correct. Krishna gives direct darshan through His grace."
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  हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥
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