श्री चैतन्य चरितामृत  »  लीला 2: मध्य लीला  »  अध्याय 10: महाप्रभु का जगन्नाथ पुरी लौट आना  »  श्लोक 151
 
 
श्लोक  2.10.151 
आर दिने मुकुन्द - दत्त कहे प्रभुर स्थाने ।
ब्रह्मानन्द - भारती आइला तोमार दरशने ॥151॥
 
 
अनुवाद
अगले दिन मुकुंद दत्त ने श्री चैतन्य महाप्रभु को सूचित किया, "ब्रह्मानंद भारती आपसे मिलने आए हैं।"
 
The next day Mukunda Dutt informed Sri Chaitanya Mahaprabhu, “Brahmananda Bharati has come to see you.”
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  हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥
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