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अनुवाद
प्रस्थान के समय भगवान ने सभी भक्तों से अनुरोध किया, “कृपया भगवान जगन्नाथ की गुंडिका मंदिर तक की यात्रा के रथ-यात्रा उत्सव को देखने के लिए हर साल यहां आएं।”
At the time of departure, Mahaprabhu requested all the devotees, “Please come every year to see the journey of Lord Jagannath to Gundicha Temple (which is famous as Rath Yatra Festival).
तात्पर्य
सुन्दरचल में गुंडीचा नामक एक मंदिर है। भगवान जगन्नाथ, बलदेव और सुभद्रा को पुरी के मंदिर से सुन्दरचल में गुंडीचा मंदिर तक तीनों रथों में ढकेल कर ले जाया जाता है। ओडिशा में, इस रथ-यात्रा उत्सव को गुंडीचा में जगन्नाथ की यात्रा के रूप में जाना जाता है। जबकि अन्य इसे रथ-यात्रा उत्सव के रूप में देखते हैं, ओडिशा के निवासी इसे गुंडीचा-यात्रा कहते हैं।
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥